आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "bahaaraa"
ग़ज़ल के संबंधित परिणाम "bahaaraa"
ग़ज़ल
तुज ख़याल की हवस थे है जियू हमन सो ज़िंदा
ओ ख़याल कद न जावे हम सर थे टुक बहारा
क़ुली क़ुतुब शाह
ग़ज़ल
शाहरुख़ साहिल तुलसीपुरी
ग़ज़ल
ये ख़िज़ाँ की ज़र्द सी शाल में जो उदास पेड़ के पास है
ये तुम्हारे घर की बहार है उसे आँसुओं से हरा करो
बशीर बद्र
ग़ज़ल
मुज़्तर ख़ैराबादी
ग़ज़ल
कहीं चाक-ए-जाँ का रफ़ू नहीं किसी आस्तीं पे लहू नहीं
कि शहीद-ए-राह-ए-मलाल का नहीं ख़ूँ-बहा उसे भूल जा