आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "aashiq"
नज़्म के संबंधित परिणाम "aashiq"
नज़्म
ये रुपहली छाँव ये आकाश पर तारों का जाल
जैसे सूफ़ी का तसव्वुर जैसे आशिक़ का ख़याल
असरार-उल-हक़ मजाज़
नज़्म
गुलशन-ए-याद में गर आज दम-ए-बाद-ए-सबा
फिर से चाहे कि गुल-अफ़शाँ हो तो हो जाने दो
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
नज़्म
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
कहते हैं उन को आशिक़ यूँ प्यार से बुला ले
क्या मेंह बरस रहा है प्यारे ज़रा नहा ले
नज़ीर अकबराबादी
नज़्म
तेरी ही गर्दन-ए-रंगीं में हैं बाँहें अपनी
तेरे ही इश्क़ में हैं सुब्ह की आहें अपनी