aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
परिणाम "billii"
जब नया महीना आता है तोबिजली का बिल आ जाता हैहालाँकि बादल बेचाराये बिजली मुफ़्त बनाता हैफिर हम ने अपने घर बिजलीबादल से क्यूँ लगवाई नहीं
इक लड़की थी छोटी सीदुबली सी और मोटी सीनन्ही सी और मुन्नी सीबिल्कुल ही थन मथनी सीउस के बाल थे काले सेसीधे घुँघराले सेमुँह पर उस के लाली सीचट्टी सी मटियाली सीउस की नाक पकोड़ी सीनोकीली सी चौड़ी सीआँखें काली नीली सीसुर्ख़ सफ़ेद और पीली सीकपड़े उस के थैले सेउजले से और मैले सेये लड़की थी भोली सीबी बी सी और गोली सीहर दम खेल था काम उस काशादाँ बी-बी नाम था उस काहँसती थी और रोती थीजागती थी और सोती थीहर दम उस की अम्माँ-जानखींचा करती उस के कानकहती थीं मकतब को जाखेलों में मत वक़्त गँवाअम्मी सब कुछ कहती थीशादाँ खेलती रहती थीइक दिन शादाँ खेल में थीआए उस के अब्बा जीवो लाहौर से आए थेचीज़ें वीज़ें लाए थेबॉक्स में थीं ये चीज़ें सबख़ैर तमाशा देखो अबअब्बा ने आते ही कहाशादाँ आ कुछ पढ़ के सुनागुम थी इक मुद्दत से किताबक्या देती इस वक़्त जवाबदो बहनें थीं शादाँ कीछोटी नन्ही मुन्नी सीनाम था मंझली का सीमाँगुड़िया सी नन्ही नादाँवो बोली ऐ अब्बा जीअब तो पढ़ती हूँ मैं भीबिल्ली है सी ए टी कैटचूहा है आर ए टी रैटमुँह माउथ है नाक है नोज़और गुलाब का फूल है रोज़मैं ने अब्बा जी देखाख़ूब सबक़ है याद कियाशादाँ ने उस वक़्त कहामैं ने ही तो सिखाया थालेकिन अब्बा ने चुप चापखोला बॉक्स को उठ कर आपइस में जो चीज़ें निकलेंसारी सीमाँ को दे देंइक चीनी की गुड़िया थीइक जादू की पुड़िया थीइक नन्ही सी थी मोटरआप ही चलती थी फ़र-फ़रगेंदों का इक जोड़ा थाइक लकड़ी का घोड़ा थाइक सीटी थी इक बाजाएक था मिट्टी का राजाशादाँ को कुछ भी न मिलायानी खेल की पाई सज़ाअब वो ग़ौर से पढ़ती हैपूरे तौर से पढ़ती है
रिश्वतों की ज़िंदगी है चोर-बाज़ारी के साथचल रही है बे-ज़री अहकाम-ए-ज़रदारी के साथफुर्तियाँ चूहों की हैं बिल्ली की तर्रारी के साथआप रोकें ख़्वाह कितनी ही सितमगारी के साथ
अगर तुम याद होतितली का टूटा हुआ परया मेरी जली हुई बिल्लीरख दो मेरी सीढ़ियों परये बनी हुई हैं ख़्वाब सेऔर मैं बना हुआ हूँ तुम सेअगर तुम मोहब्बत हो
मुन्नी तेरे दाँत कहाँ हैंदाँत थे मैं ने दूध पिला कर सात बरस में पालेआ कर उन को ले गए चूहे लम्बी मोंछों वालेगुड़ का उन को माट मिला था मीठा और मज़ेदारलाख ख़ुशामद कर के मुझ से ले लिए दाँत उधारमुन्नी तेरे दाँत कहाँ हैंबिल्ली थी इक मामी मौसी चुपके चुपके आईपंजों पर थी देग की खुरचन होंटों पर बालाईबोली गुड़ के माट पे मैं ने चूहे देखे चारहिस्सा आधों-आध रहेगा दे दो दाँत उधारमुन्नी तेरे दाँत कहाँ हैंबा'द में बूढ़ा मोती आया रोनी शक्ल बनाएबोला बीबी इस बिल्ली का कुछ तो करें उपाएदूध न छोड़े गोश्त न छोड़े हैं बुढ्ढा लाचारइस को करूँ शिकार जो मुझ को दे दो दाँत उधारअच्छी मुन्नी तुम ने अपने इतने दाँत गँवाएकुछ चूहों ने कुछ बिल्ली ने कुछ मोती ने पाएबाक़ी जो दो-चार रहे हैं वो हम को दिलवाओइक दावत में आज मिलेंगे तिक्के और पोलावमुर्ग़ी के पाए का सालन बैगन का आचारदोगी या किसी और से माँगूँहाँ दिए उधारबाबा हाँ हाँ दिए उधारमुन्नी तेरे दाँत कहाँ हैं
दो चूहों की एक कहानीकुछ ताज़ा है कुछ है पुरानीइक चूहे की जेब में बटवाइक चूहे के हाथ में हुक़्क़ाहुक़्क़े में थे बोर के लड्डूकुछ थे मोती-चूर के लड्डूलड्डू थे सब रंग रंगीलेकुछ थे नीली और कुछ पीलेबटवे में थे चार टमाटरऔर थोड़ा सा मिनरल वाटरलड्डू खा कर पानी पी करबोले चूहे छत पर चढ़ करकहाँ है बिल्ली उस को बुलाओआया है अब हम को तावआज नहीं वो बचने वालीबच्चा लोग बजाए तालीबिल्ली ने जब सुनी ये बातबीत चुकी थी आधी रातपहले उस ने दुम को हिलायादाँतों को दाँतों पे जमायाचुपके चुपके छत पर पहुँचीफिर तेज़ी से उन पर झपटीदोनों चूहे डर कर भागेबिल्ली पीछे चूहे आगेसॉरी सॉरी लाख वो बोलेसुनी न उन की बात किसी नेबिल्ली ने फिर मज़े उड़ाएइक इक कर के दोनों खाए
कानों की इक नगरी देखी जिस में सारे काने देखेएक तरफ़ से अहमक़ सारे एक तरफ़ से सियाने थेकानों की इस नगरी के सब रीत रिवाज अलाहदा थेरोग अलाहदा बस्ती में थे और इलाज अलाहदा थेदो दो काने मिल कर पूरा सपना देखा करते थेगंगा के संगम से काने जमुना देखा करते थेचाँदनी रात में छतरी ले कर बाहर जाया करते थेओस गिरे तो कहते हैं वाँ सर फट जाया करते थेदरिया पुल पर चलता था पानी में रेलें चलती थींलंगूरों की दुम पर अंगूरों की बेलें पकती थींछूत की इक बीमारी फैली एक दफ़ा उन कानों मेंभूक के कीड़े सुनते हैं निकले गंदुम के दानों मेंरोज़ कई काने बेचारे मरते थे बीमारी मेंकहते हैं राजा सोता था सोने की अलमारी मेंघंटी बाँध के चूहे जब बिल्ली से दौड़ लगाते थेपेट पे दोनों हाथ बजा कर सब क़व्वाली गाते थेतब कानी भैंस ने फूल फुला कर छेड़ा बीन का बाजाऔर काला चश्मा पहन के सिंघासन पर आया राजादुख से चश्मे की दोनों ही आँखे पानी पानी थींदेखा उस काने राजा की दोनों आँखे कानी थींझूटा है जो अंधों में काना राजा है कहता हैजा कर देखो कानी नगरी अंधा राजा रहता है
दिल ख़ुशामद से हर इक शख़्स का क्या राज़ी हैआदमी जिन परी ओ भूत बला राज़ी हैभाई फ़रज़ंद भी ख़ुश बाप चचा राज़ी हैशाद मसरूर ग़नी शाह ओ गदा राज़ी हैजो ख़ुशामद करे ख़ल्क़ उस से सदा राज़ी हैहक़ तो ये है कि ख़ुशामद से ख़ुदा राज़ी हैअपना मतलब हो तो मतलब की ख़ुशामद कीजेऔर न हो काम तो उस ढब की ख़ुशामद कीजेऔलिया अंबिया और रब की ख़ुशामद कीजेअपने मक़्दूर ग़रज़ सब की ख़ुशामद कीजेजो ख़ुशामद करे ख़ल्क़ उस से सदा राज़ी हैहक़ तो ये है की ख़ुशामद से ख़ुदा राज़ी हैचार दिन जिस को किया झुक के ख़ुशामद से सलामवो भी ख़ुश हो गया अपना भी हुआ काम में कामबड़े आक़िल बड़े दाना ने निकाला है ये दामख़ूब देखा तो ख़ुशामद ही की आमद है तमामजो ख़ुशामद करे ख़ल्क़ उस से सदा राज़ी हैहक़ तो ये है कि ख़ुशामद से ख़ुदा राज़ी हैबद बख़ील और सख़ी की भी ख़ुशामद कीजेऔर जो शैतान हो तो उस की भी ख़ुशामद कीजेगर वली हो तो वली की भी ख़ुशामद कीजेजो ख़ुशामद करे ख़ल्क़ उस से सदा राज़ी हैहक़ तो ये है कि ख़ुशामद से ख़ुदा राज़ी हैप्यार से जोड़ दिए जिस की तरफ़ हाथ जो आहवहीं ख़ुश हो गया करते ही वो हाथों पे निगाहग़ौर से हम ने जो इस बात को देखा वल्लाहकुछ ख़ुशामद ही बड़ी चीज़ है अल्लाह अल्लाहजो ख़ुशामद करे ख़ल्क़ उस से सदा राज़ी हैहक़ तो ये है कि ख़ुशामद से ख़ुदा राज़ीपीने और पहनने खाने की ख़ुशामद कीजेहीजड़े भाँड ज़नाने की ख़ुशामद कीजेमस्त ओ हुशियार दिवाने की ख़ुशामद कीजेभोले नादान सियाने की ख़ुशामद कीजेजौ ख़ुशामद करे ख़ल्क़ उस से सदा राज़ी हैहक़ तो ये है कि ख़ुशामद से ख़ुदा राज़ी हैऐश करते हैं वही जिन का ख़ुशामद का मिज़ाजजो नहीं करते वो रहते हैं हमेशा मोहताजहाथ आता है ख़ुशामद से मकाँ मुल्क और ताजक्या ही तासीर की इस नुस्ख़े ने पाई है रिवाजजो ख़ुशामद करे ख़ल्क़ उस से सदा राज़ी हैहक़ तो ये कि ख़ुशामद से ख़ुदा राज़ी हैगर भला हो तो भले की भी ख़ुशामद कीजेऔर बुरा हो तो बुरे की भी ख़ुशामद कीजेपाक नापाक सिड़े की भी ख़ुशामद कीजेकुत्ते बिल्ली ओ गधे की भी ख़ुशामद कीजेजो ख़ुशामद करे ख़ल्क़ उस से सदा राज़ी हैहक़ तो ये कि ख़ुशामद से ख़ुदा राज़ी हैख़ूब देखा तो ख़ुशामद की बड़ी खेती हैग़ैर की अपने ही घर बीच ये सुख देती हैमाँ ख़ुशामद के सबब छाती लगा लेती हैनानी दादी भी ख़ुशामद से दुआ देती हैजो ख़ुशामद करे ख़ल्क़ उस से सदा राज़ी हैहक़ तो ये कि ख़ुशामद से ख़ुदा राज़ी हैबी-बी कहती है मियाँ आ तिरे सदक़े जाऊँसास बोले कहीं मत जा तिरे सदक़े जाऊँख़ाला कहती है कि कुछ खा तिरे सदक़े जाऊँसाली कहती है कि भय्या तिरे सदक़े जाऊँजो ख़ुशामद करे ख़ल्क़ उस से सदा राज़ी हैहक़ तो ये कि ख़ुशामद से ख़ुदा राज़ी हैआ पड़ा है जो ख़ुशामद से सरोकार उसेढूँडते फिरते हैं उल्फ़त के ख़रीदार उसेआश्ना मिलते हैं और चाहे हैं सब यार उसेअपने बेगाने ग़रज़ करते हैं सब प्यार उसेजो ख़ुशामद करे ख़ल्क़ उस से सदा राज़ी हैहक़ तो ये कि ख़ुशामद से ख़ुदा राज़ी हैरूखी और रोग़नी आबी को ख़ुशामद कीजेनान-बाई ओ कबाबी की ख़ुशामद कीजेसाक़ी ओ जाम शराबी की ख़ुशामद कीजेपारसा रिंद ख़राबी की ख़ुशामद कीजेजो ख़ुशामद करे ख़ल्क़ उस से सदा अराज़ी हैहक़ तो ये है कि ख़ुशामद से ख़ुदा राज़ी हैजो कि करते हैं ख़ुशामद वो बड़े हैं इंसाँजो नहीं करते वो रहते हैं हमेशा हैराँहाथ आते हैं ख़ुशामद से हज़ारों सामाँजिस ने ये बात निकाली है मैं उस के क़ुर्बांजो ख़ुशामद करे ख़ल्क़ उस से सदा राज़ी हैहक़ तो ये है कि ख़ुशामद से ख़ुदा राज़ी हैकौड़ी पैसे ओ टके ज़र की ख़ुशामद कीजेलाल ओ नीलम दर ओ गौहर की ख़ुशामद कीजेऔर जो पत्थर हो तो पत्थर की ख़ुशामद कीजेनेक ओ बद जितने हैं यक-सर की ख़ुशामद कीजेजो ख़ुशामद करे ख़ल्क़ उस से सदा राज़ी हैहक़ तो ये है कि ख़ुशामद से ख़ुदा राज़ी हैहम ने हर दिल की ख़ुशामद की मोहब्बत देखीप्यार इख़्लास ओ करम मेहर मुरव्वत देखीदिलबरों में भी ख़ुशामद ही की उल्फ़त देखीआशिक़ों मैं भी ख़ुशामद ही की चाहत देखीजो ख़ुशामद करे ख़ल्क़ उस से सदा राज़ी हैहक़ तो ये है कि ख़ुशामद से ख़ुदा राज़ी हैपारसा पीर है ज़ाहिद है मना जाती हैजुवारिया चोर दग़ाबाज़ ख़राबाती हैमाह से माही तलक च्यूँटी है या हाथी हैये ख़ुशामद तो मियाँ सब के तईं भाती हैजो ख़ुशामद करे ख़ल्क़ उस से सदा राज़ी हैहक़ तो ये है कि ख़ुशामद से ख़ुदा राज़ी हैगर न मीठी हो तो कड़वी भी ख़ुशामद कीजेकुछ न हो पास तो ख़ाली भी ख़ुशामद कीजेजानी दुश्मन हो तो उस की ख़ुशामद कीजेसच अगर पूछो तो झूटी भी ख़ुशामद कीजेजो ख़ुशामद करे ख़ल्क़ उस से सदा राज़ी हैहक़ तो ये है कि ख़ुशामद से ख़ुदा राज़ी हैमर्द ओ ज़न तिफ़्ल ओ जवाँ ख़ुर्द ओ कलाँ पीर ओ फ़क़ीरजितने आलम में हैं मोहताज ओ गदा शाह वज़ीरसब के दिल होते हैं फंदे में ख़ुशामद के असीरतो भी वल्लाह बड़ी बात ये कहता है 'नज़ीर'जो ख़ुशामद करे ख़ल्क़ उस से सदा राज़ी हैहक़ तो ये है कि ख़ुशामद से ख़ुदा राज़ी है
ख़ुदा का ये करना हुआएक दिनइस की दुकाँ सेईरान का इक वज़ीर-ए-कुहन-साल गुज़राऔर इस ने चाहाकि वो भी ज़राअपने उलझे हुए ज़ेहन कीअज़ सर-ए-नौ सफ़ाई करा लेकिया कासा-ए-सर को नाई ने ख़ालीअभी वो उसे साफ़ करने लगा थाकि नागाह आ कर कहा एक ख़्वाजा-सरा ने:मैं भेजा गया हूँ जनाब-ए-वज़ारत-ए-पनह को बुलानेऔर इस परसरासीमा हो कर जो उट्ठा वज़ीर एक दमरह गया पास दल्लाक के मग़्ज़ उस कावो बे-मग़्ज़ सर ले के दरबार-ए-सुल्ताँ में पहुँचामगर दूसरे रोज़ इस नेजो नाई से आ कर तक़ाज़ा कियातो वो कहने लगा:हैफ़कल शब पड़ोसी की बिल्लीकिसी रौज़न-ए-दर से घुस करजनाब-ए-वज़ारत-ए-पनह केदिमाग़-ए-फ़लक-ताज़ को खा गई हैऔर अब हुक्म-ए-सरकार हो तोकिसी और हैवान का मग़्ज़ ले कर लगा दूँतो दल्लाक ने रख दियादानियाल-ए-ज़माना के सर मेंकिसी बैल का मग़्ज़ ले करतो लोगों ने देखाजनाब-ए-वज़ारत-ए-पनह अबफ़रासत मेंदानिश मेंऔर कारोबार-ए-वज़ारत मेंपहले से भी चाक़-ओ-चौबंद-तर हो गए हैं
अलिफ़ जो आलू खाएगावो मोटा हो जाएगाबे बारिश जब आती हैकोयल शोर मचाती हैपे पाली मैं ने बिल्लीचल दी छोड़ के वो दिल्लीते तितली है ज़िंदा फूलजो न माने ना-माक़ूलटे टट्टू पर चढ़ भय्याडर मत आगे बढ़ भय्यासे साबित है ये लट्टूचुन्नू जा ले आ पट्टूजीम मैं जूते खाऊँगारो कर चुप हो जाऊँगाचे चुन्नू है इक लड़कानन्हा मुन्ना छोटा साहे वो हा तू आया हैहींग और पट्टू लाया हैख़े ख़च्चर मैं लाऊँगाअपने घर में नचाऊँगादाल न दाल पका अम्मीबर्फ़ी मुझे खिला अम्मीडाल डरूँ मैं भालू सेमैं नहीं डरता ख़ालू सेरे रोना मुझे आता हैजब मिरा भय्या गाता हैसीन सरौता ला अम्मीमुझ को पान खिला अम्मीबस भाई आगे मत जाइत्ती बस नज़्म न होगा
मैं वो तीसरा हूँजो ख़ुद को गुनहगार महसूस करने को मजबूर होता हैपर वाक़िए मेंहर इक हादसे की जगह परअजब इम्तिहाँ हैअगर चुप रहूँ तो कबूतर को खा जाए बिल्लीउड़ा दूँतो बिल्ली मुझे कोसती हैकि मैं ने उसे आज फ़ाक़ा करायामिरी हार दोनों तरफ़ से हैऔर वो भी इस जंग मेंजिस से मेरा कोई दूर का भी तअल्लुक़ नहीं हैब-ज़ाहिर
सालगिरह ख़रगोश मनाएजंगल के सब साथी आएभीड़ लगी है मेहमानों कीकुछ अपनों कुछ बेगानों कीशेर दहाड़ें मारता आएहाथी भी चिंघाड़ता आएकुत्ता भौं भौं करता आयासांभर चौकड़ी भरता आयागाय जब रम्भाती आईबकरी कुछ शरमाती आईनाचता गाता आया भालूडोलता आया मेंढा कालूघोड़ा सरपट दौड़ा आयाभैंसों का इक जोड़ा आयाहिरनी आई लोमड़ी आईबिल्ली अपने बच्चे लाईसाथ में सब ही लाए तोहफ़ेसब ख़रगोश ने पाए तोहफ़ेफूलों का गुलदस्ता ले करचीं चीं करता आया बंदरकेक बना के लाया चीताउस ने दिल ख़रगोश का जीताकेक कटा तो सारे ख़ुश थेकेक बटा तो सारे ख़ुश थेइक दूजे से गले मिले सबभूल के शिकवे और गिले सबबंदर नाचे भालू गाएकालू मेंढा ढोल बजाएसालगिरह का जश्न बपा हैजंगल जंगल शोर हुआ है
अब्बा तो चले गए हैं दफ़्तरअम्मी को बुख़ार आ रहा हैछम्मन तो गया हुआ है बाज़ारजुम्मन खाना पका रहा हैज़ैबुन को उसी का ताज़ा बच्चापक्का गाना सुना रहा हैअमजद सोफ़े पर कोएले सेकाला तोता बना रहा हैअसलम दादी की ले के तस्वीरउस की मूँछें उगा रहा हैतौक़ीर ब्लेड के कमालातक़ालीन पे आज़मा रहा हैछे सात तिपाईयाँ मिला करअकबर गाड़ी चला रहा हैतसनीम बनी हुई है घोड़ाजो मेज़ पे भागा जा रहा है'अख़्तर' पर्दे की झालरों सेबिल्ली को दुल्हन बना रहा हैनन्हा इक़बाल लेटे लेटेनदी नाले बहा रहा हैसुनते हैं कि अनक़रीब इन काएक और भी भाई आ रहा है
फ़र्ज़ करो कि सारे जानवर बात भी करते हम सेउन के जो जी में आ जाता कह देते एक दम सेदरवाज़े पर कुत्ता कहता भूके हैं दो दिन केकोई दवा भी दे दो देखो मक्खी ज़ख़्म पे भिनकेबावर्ची-ख़ाने में च्यूँटी शकर माँगती रहतीबस दो दाने बस दो दाने हर फेरे पर कहतीचिड़िया उड़ते फिरते खिड़की पर आवाज़ लगातीबच्चों के कमरे में छुप कर दाल के दाने खातीगए बैल सब्ज़ी के ठेले वालों से लड़ जातेडंडे खा कर गालियाँ बकते दिल की आग बुझातेबिल्ली दूध का प्याला पकड़े गोश्त माँगती रहतीदिन भर लेटी दादी जैसी अपनी बात ही कहतीबकरे की क़ुर्बानी पर कुछ बकरे मातम करतेमुर्ग़े भी इस मज्लिस में मुँह लटका कर ग़म करतेसास बहू के झगड़े की छिपकलियाँ शाहिद होतींशौहर की आमद पर सारा क़िस्सा वो ही रोतींग़रज़ के सारी दुनिया में इक शोर सा बरपा रहताचुप हो जाओ चुप हो जाओ सारा आलम कहता
आज तो मेरे कपड़े भी पानी की तरह भारी हैंमौत का काजल आँखों में लगानाऔर आँखों में पट्टी बाँध कर तार पे साइकल चलानाएक जैसा अमल हैज़िंदा रहने का अमलमुर्दा ज़िंदगी की दरयूज़्गी सेअंगूर की तरह रंग बदल कर दो-आतिशा होनापिघली हुई मोम-बत्ती की रौशनी के आख़िरी वारकी तरह कारी होता हैबिल्ली अपने शिकार सेपहले खेलती है फिर खाती हैआज जब कि मेरे कपड़े पानी की तरह भारी हैंमेरी बिंती सुनोमुझ से खेलना बंद कर दोमुझे खा जाओ
सड़क मसाफ़त की उजलतों मेंघिरे हुए सब मुसाफ़िरों कोब-ग़ौर फ़ुर्सत से देखती हैकिसी के चेहरे पे सुर्ख़ वहशत चमक रही हैकिसी के चेहरे से ज़र्द हैरत छलक रही हैकिसी की आँखें हरी-भरी हैंकबीर हद से उभर रहा हैसग़ीर क़द से गुज़र रहा हैकिसी का टायर किसी के पहिए को खा रहा हैकिसी का जूता किसी की चप्पल चबा रहा हैकिसी के पैरों में आ रहा है किसी का बच्चाकिसी का बच्चा किसी के शाने पे जा रहा हैकोई ठिकाने पे कोई खाने पे जा रहा हैहबीब दस्त-ए-रक़ीब थामेग़रीब-ख़ाने पे जा रहा हैअमीर पिंजरा बना रहा हैग़ुलाम कर्तब दिखा रहा हैऔर अपने बेटे के साथ छत परअमीन कुंडा लगा रहा हैनिज़ाम तांगा चला रहा हैकिसी कलाई पे जगमगाती हुई घड़ी हैमगर अभी वो रुकी हुई हैकिसी के चेहरे पे बारा बजने में पाँच सेकेंड रह गए हैंकिसी की हाथी-नुमा प्राडोसड़क से ऐसे गुज़र रही हैसिवाए इस के कहीं भी जैसे कोई नहीं होकिसी की मूँछें झुकी हुई हैंकिसी की बांछें खिली हुई हैंकिसी की टैक्सी किसी की फ़ोकसी मिली हुई हैंकिसी के लब और किसी की आँखें सिली हुई हैंकिसी के कपड़े फटे हुए हैंकिसी की पगड़ी चमक रही हैकिसी की रंगत किसी की टोपी उड़ी हुई हैशरीफ़ नज़रें उठा उठा करकमान जिस्मों पे अपनी वहशत के तीर कब से चला रहा हैनज़ीर नज़रें चुरा रहा हैनफ़ीस अपने कलफ़ की शिकनों को रो रहा हैहकीम अपने मतब के शीशों को धो रहा हैकिसी की आँखों के धुँदले शीशों में उस के माज़ी की झलकियाँ हैंकिसी की आँखों में आने वाले हसीन लम्हों की मस्तियाँ हैंकिसी की आँखों में रत-जगों की कुछ अर्ग़वानी सी डोरियाँ हैंकिसी के काँधे पे उस के ख़्वाबों की बोरियाँ हैंकबाड़-ख़ाने पे बासी टुकड़ों की ओर किताबों की बोरियाँ हैंबुज़ुर्ग बरगद के नीचे बूढ़ा खड़ा हुआ हैऔर उस के हाथों में टेप लिपटी हुई छड़ी हैपुलीस की गाड़ी पिकिट लगा करसड़क पे तिरछी खड़ी हुई हैऔर एक मज़दूर अपना दामन उठाए बे-बस खड़ा हुआ हैऔर इक सिपाही कि उस के नेफ़े में उँगलियों को घुमा रहा हैवहीं पे शाहिद सियाह चश्मा लगा के ख़ुद को छुपा रहा हैन्यूज़ चैनल की छोटी गाड़ी बड़ी ख़बर की तलाश में हैदो सब्ज़ी वाले भी अपनी फेरी लगा रहे हैंतो फूल वाले के सर पे फूलों की टोकरी हैकिसी की आँखों में नौकरी हैकिसी की आँखों में छोकरी हैवक़ार सर को झुका रहा हैफ़राज़ खाई में जा रहा हैतो गीली सिगरेट के कश लगा करनवाब रिक्शा चला रहा हैसलीम कन्नी घुमा रहा हैवकील वर्दी में जा रहा हैज़मीर बग़लें बजा रहा हैऔर एक वाइज़ बता रहा हैख़ुदा को नाराज़ करने वाले जहन्नमी हैंख़ुदा को राज़ी करो ख़ुदाराख़ुदा को राज़ी करो ख़ुदाराऔर उस के आगे नसीर अकमल कमाल शादाब ग़ुलाम सारेनज़र झुकाए खड़े हुए हैंकि चश्म-ए-बीना अगर कहीं हैतो समझो पाताल तक गढ़ी हैकिसी को ए-सी ख़रीदना हैकिसी को पी सी ख़रीदना हैकिसी की बस और किसी की बी-सी निकल रही हैअक़ीला ख़ाला के दोनों हाथों में आठ थैले लटक रहे हैंऔर आते जाते सभी मुसाफ़िरउन्हें मुसलसल खटक रहे हैंज़िया अँधेरे में जा रहा हैगुलाब कचरा जला रहा हैअज़ीम मक्खी अड़ा रहा हैकलीम गुटका चबा रहा हैतो घंटा-पैकेज पे जाने कब सेफ़हीम गप्पें लड़ा रहा हैसबक़ मुसावात का सिखानेवज़ीर गाड़ी में जा रहा हैसना निदा को नए लतीफ़े सुना रही हैहिना हथेली को तकते तकते पुराने रस्ते से आ रही हैऔर अपनी भावज का हाथ थामेज़ुबैदा चैक-अप को जा रही हैवो अपनी नज़रें कभी इधर को कभी अधर को घुमा रही हैमगर कोई शय उसे मुसलसल बुला रही रही हैअजीब उजलत अजीब वहशत अजीब ग़फ़लत का माजरा हैकहूँ मैं किस से मिरे ख़ुदाया ये कैसी ख़िल्क़त का माजरा हैकि अपनी मस्ती में मस्त हो करये सब मुसाफ़िर गुज़र रहेनए मुसाफ़िर उभर रहे हैंसड़क जहाँ थी वहीं खड़ी हैमगर हक़ीक़त बहुत बड़ी हैसड़क पे बिल्ली मरी पड़ी है
تجھ کو دزديدہ نگاہي يہ سکھا دي کس نےرمز آغاز محبت کي بتا دي کس نےہر ادا سے تيري پيدا ہے محبت کيسينيلي آنکھوں سے ٹپکتي ہے ذکاوت کيسيديکھتي ہے کبھي ان کو، کبھي شرماتي ہےکبھي اٹھتي ہے ، کبھي ليٹ کے سو جاتي ہےآنکھ تيري صفت آئنہ حيران ہے کيانور آگاہي سے روشن تري پہچان ہے کيامارتي ہے انھيں پونہچوں سے، عجب ناز ہے يہچھيڑ ہے ، غصہ ہے يا پيار کا انداز ہے يہ؟شوخ تو ہوگي تو گودي سے اتاريں گے تجھےگر گيا پھول جو سينے کا تو ماريں گے تجھےکيا تجسس ہے تجھے ، کس کي تمنائي ہےآہ! کيا تو بھي اسي چيز کي سودائي ہےخاص انسان سے کچھ حسن کا احساس نہيںصورت دل ہے يہ ہر چيز کے باطن ميں مکيںشيشہ دہر ميں مانند مے ناب ہے عشقروح خورشيد ہے، خون رگ مہتاب ہے عشقدل ہر ذرہ ميں پوشيدہ کسک ہے اس کينور يہ وہ ہے کہ ہر شے ميں جھلک ہے اس کيکہيں سامان مسرت، کہيں ساز غم ہےکہيں گوہر ہے ، کہيں اشک ، کہيں شبنم ہے
एक क़मीस चली आती है जाने कहाँ से बहती हुईजिस में नाख़ुन गाड़ दिये हैं अब इक आबी झाड़ी नेइस का मालिक बिछड़ गया है ये भी उस के पास चलीइक बहते दरवाज़े पर इक भीगी बिल्ली बैठी हैजो आने वाले लम्हों की बाबत सोचती जाती हैसोचते सोचते उस की आँखें हो जाएँगी सेहर-ज़दाऔर उस के बालों का रेशम पानी में मिल जाएगालहर की इक दीवार गिरी और बुलबुले दब कर टूट गएजिन की फूटती आँखों से कुछ ख़्वाब निकल कर भाग चलेये ख़्वाबों के देखने वाले आख़िर क्यूँ नहीं सोचते हैंसब अफ़्साने झूटे हैं, सब ख़्वाब बिखरने वाले हैंइस ला-फ़ानी झूट के पीछे सच है अगर तो इतना हैये सब कुछ होता रहता है पानी बहता रहता है
पढ़ना लिखना सिखाएअच्छी राह बताएबद से हमें बचाएअच्छा बच्चा बनाएभय्या प्यारा प्याराघंटी ख़ूब बजाएबस्ता भी लटकाएमकतब ले कर जाएजल्दी से पहुँचाएरिक्शा प्यारा प्याराफूलों पर इतराएख़ुशबू भी बिखराएघर आँगन महकाएहरियाली भी लाएगमला प्यारा प्याराभय्या ले कर जाएसर्कस भी दिखलाएलड्डू भी खिलवाएजो चाहो मिल जाएमेला प्यारा प्याराजब जब ये लहराएसब की शान बढ़ाएजिस के हाथ ये आएआगे बढ़ता जाएझंडा प्यारा प्यारातारीकी में आएबिस्तर तक पहुँचाएलोरी भी सुनवायेसपने भी दिखलाएसोना प्यारा प्यारासब को मार भगाएजो देखे डर जाएउल्टी शामत लाएदुश्मन कोई आएडंडा प्यारा प्याराबारिश में काम आएबाहर ले कर जाएख़ुद तो भीगा जाएलेकिन हमें बचाएछाता प्यारा प्याराजगमग रूप दिखाएचंदा रीझा जाएरस्ता भी बतलाएलेकिन हाथ न आएतारा प्यारा प्यारातल कर मुन्ना खाएख़ागीना बनवाएसालन में पक जाएमुन्नी को ललचाएअण्डा प्यारा प्याराजब ये मौसम आएसेहत ख़ूब बनाएढेरों कपड़े लाएफिर भी दूर न जाएजाड़ा प्यारा प्याराखाना जब भी आएआगे बढ़ कर लाएहम को सब खिलवाएख़ुद भूका रह जाएचमचा प्यारा प्याराबाज़ारों में निकलेहाथ में सब के लटकेजो कुछ भी ये देखेअपने पेट में रखेथैला प्यारा प्यारामीठा मीठा खाओमुन्ना बोले लाओजल्दी से पकवाओसारा चट कर जाओहलवा प्यारा प्याराचाहे कोई बुलाएसब की गोद में जाएदेखे तो ललचाएटॉफ़ी बिस्कुट चायनन्हा प्यारा प्यारापानी ठंडा कर देसर पे कटोरा रखेदौड़े आएँ प्यारेजो चाहे वो पी लेमटका प्यारा प्यारासूरत रंग बिरंगीहालत भी है अच्छीबिस्तर का है साथीआदत में है नर्मीतकिया प्यारा प्यारागर्मी दूर भगाएठंडा मौसम लाएथोड़ी बिजली खाएबेहतर काम बनाएपंखा प्यारा प्याराचम चम चमका जाएबिजली सा लहराएजल्दी जल्दी आएसाथ में चलता जाएजूता प्यारा प्यारासब से पहले जागेपेड़ पे चढ़ के बैठेदीवारों पर भागेकुकड़ूँ कुकड़ूँ चीख़ेमुर्ग़ा प्यारा प्याराघर में दौड़ लगाएबाहर भाग के जाएबिल्ली पर ग़ुर्राएनन्हे को बहलाएकुत्ता प्यारा प्यारापीठ पे हमें बिठाएसरपट दौड़ के जाएमंज़िल पर पहुँचाएतब जा कर सुसताएघोड़ा प्यारा प्याराजल्दी से उठ जाएचीख़े और चिल्लाएदाना पत्ते खाएफिर भूका रह जाएबकरा प्यारा प्यारापिंजरे में पर तोलेठुमक ठुमक कर डोलेजब भी मुँह को खोलेमीठी बोली बोलेतोता पियारे प्यारारुई को लिपटाएधागा बनता जाएहाथों में बल खाएबल खा कर लहराएतकला प्यारा प्याराचोरों से लड़ जाएडाकू से टकराएजो भी चाबी लाएउस के बस में आएताला प्यारा प्यारासड़कें भी दिखलाएगलियों में ले जाएकौन किधर को जाएभेद ये सब बतलाएनक़्शा प्यारा प्याराकलियों पर मंड लाएफूलों से बतलाएनाचे झूमे गाएमस्ती में लहराएभौंरा प्यारा प्याराशब को मुँह दिखलाएसूरज से शरमाएबादल में छुप जाएरात होते ही आएचंदा प्यारा प्याराझील के पास ही बैठेछोटी मछली पकड़ेहंस हो कोई जैसेमोती खाने आएबगुला प्यारा प्याराआँखों से लग जाएराहत ही पहुँचाएकाले काले शीशेअब्र के टुकड़ों जैसेचश्मा प्यारा प्यारामेरा हमदम साथीऐसा न होगा कोईसूरत भी है प्यारीसीरत भी है अच्छीबस्ता प्यारा प्यारावक़्त पे सो कर उठेवक़्त पे अपने खेलेवक़्त पे पढ़ने जाएअव्वल नंबर आएबच्चा प्यारा प्यारा
आ लगी है रेत दीवारों के साथसारे दरवाज़ों के साथसुर्ख़ ईंटों की छतों पर रेंगती हैनीली नीली खिड़कियों से झाँकती हैरेतरेत रुक जाखेल तय कर लेंसुनहरे ताश के पत्तों से दर्ज़ोंरौज़नों को बंद कर लें रेतरुक जासुस्त बरसातें कि जिन पर दौड़ पड़नाजिन को दाँतों में चबा लेनाकोई मुश्किल न थातू ने वो सारी निगल डाली हैं रातरात हम हँसते रहे ऐ रेततू दीवानी बिल्ली थी जो अपनी दुम के पीछेघूमती जाती थीउस को चाटती जाती थी रातरेत की इक उम्र है इक वक़्त हैलेकिन हमेंख़ुद से जुदा करती चली जाती है रेतना-गहाँ हम सब पे छा जाने की ख़ातिरये हमारी मौत बन कर ताज़ा कर देती हैयादें दूर की या देर कीरेत को मुट्ठी में ले कर देखते हैंअपने पोरों से उसे छनते हुएहम देखते हैंअपने पाँव में फिसलते देखते हैंरेत पर चलते हुएअपने गेसू से अट जाते हैंभर जाते हैं पैराहनहमारे बातिनों को चीरती जाती है रेतफैलती जाती है जिस्म-ओ-जाँ के हर-सूहम पे घेरा डालती जाती हैरेतरेत इक मुसबत नफ़ी थीरेत सरहद थी कभीरेत आरिफ़ की अज़िय्यत का बदल थीआँसुओं की ग़म की पहनाई थी रेतअपनी जूयाई थी रेतरेत में हर-कस थे हमदूसरा कोई न थारेत वो दुनिया थी जिस पर दुश्मनों कीमोहर लग सकती न थीउस को अपना तक कोई सकता न थारेत पर हम सुन रहे हैं आजपीराना-सरी की अपनी तन्हाईकी चापदिन के साहिल पर उतर करआने वाली रात के तूदे लगातीजा रही हैना-गहाँ की बे-निहायत को उड़ा लाई हैरेतदिल के सूने-पन में दर आई हैरेतरेत
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