आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "gauharo.n"
नज़्म के संबंधित परिणाम "gauharo.n"
नज़्म
संग को गौहर-ए-नायाब-ओ-गिराँ जाना था
दश्त-ए-पुर-ख़ार को फ़िरदौस-ए-जवाँ जाना था
असरार-उल-हक़ मजाज़
नज़्म
मुसलमाँ को मुसलमाँ कर दिया तूफ़ान-ए-मग़रिब ने
तलातुम-हा-ए-दरिया ही से है गौहर की सैराबी
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
समुंदर मोतियों मूँगों से कानें लाल-ओ-गौहर से
हवाएँ मस्त-कुन ख़ुशबुओं से मामूर कर दी हैं
अख़्तरुल ईमान
नज़्म
और अब चर्चे हैं जिस की शोख़ी-ए-गुफ़्तार के
बे-बहा मोती हैं जिस की चश्म-ए-गौहर-बार के
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
वो बोलर एक मह-वशों के जमघटों में घिर गया
वो सफ़्हा-ए-बयाज़ पर ब-सद-ग़ुरूर किल्क-ए-गौहरीं फिरी
मजीद अमजद
नज़्म
शब-ए-एशिया के अँधेरे में सर-ए-राह जिस की थी रौशनी
वो गौहर किसी ने छुपा लिया वो दिया किसी ने बुझा दिया
नुशूर वाहिदी
नज़्म
अबू-लहब अजनबी ज़मीनों के लाल ओ गौहर समेट कर
फिर वतन को लौटा हज़ार तर्रार ओ तेज़ आँखें पुराने
नून मीम राशिद
नज़्म
चप्पा चप्पा पे हैं याँ गौहर-ए-यकता तह-ए-ख़ाक
दफ़्न होगा न कहीं इतना ख़ज़ाना हरगिज़