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aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

रद करें डाउनलोड शेर

दास्तान पर शेर

याद मत रखियो ये रूदाद हमारी हरगिज़

हम थे वो ताज-महल 'जौन' जो ढाए भी गए

जौन एलिया

वो काँटा है जो चुभ कर टूट जाए

मोहब्बत की बस इतनी दास्ताँ है

ख़ुमार बाराबंकवी

सुनाई मैं ने तो मुझ से ख़फ़ा हुए क्यूँ लोग

किसी का नाम मिरी दास्ताँ में था ही नहीं

याक़ूब तसव्वुर

सलाम आख़िर है अहल-ए-अंजुमन को

ख़ुमार अब ख़त्म अपनी दास्ताँ है

ख़ुमार बाराबंकवी

अब लोग लिख रहे हैं मोहब्बत की दास्तान

मलबे से मेरे उस की निशानी निकाल कर

सैफ़ इरफ़ान
बोलिए