ख़ामोशी पर चित्र/छाया शायरी

ख़ामोशी को मौज़ू बनाने

वाले इन शेरों में आप ख़ामोशी का शोर सुनेंगे और देखेंगे कि अलफ़ाज़ के बेमानी हो जाने के बाद ख़ामोशी किस तरह कलाम करती है। हमने ख़ामोशी पर बेहतरीन शायरी का इन्तिख़ाब किया है इसे पढ़िए और ख़ामोशी की ज़बान से आगाही हासिल कीजिए।

हम लबों से कह न पाए उन से हाल-ए-दिल कभी

ख़मोशी से मुसीबत और भी संगीन होती है

हम लबों से कह न पाए उन से हाल-ए-दिल कभी

हम लबों से कह न पाए उन से हाल-ए-दिल कभी

बोलिए