Font by Mehr Nastaliq Web

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

रद करें डाउनलोड शेर
Akhtarul Iman's Photo'

अख़्तरुल ईमान

1915 - 1996 | मुंबई, भारत

आधुनिक उर्दू नज़्म के संस्थापकों में शामिल। अग्रणी फ़िल्म-संवाद लेखक जिन्होंने सौ से भी अधिक फ़िल्मों के संवाद लिखे। फ़िल्म 'वक़्त' के लिए उनका संवाद "जिनके अपने घर शीशे के हों वो दूसरों पर पत्थर नहीं फेंका करते" आज भी ज़बान पर है।

आधुनिक उर्दू नज़्म के संस्थापकों में शामिल। अग्रणी फ़िल्म-संवाद लेखक जिन्होंने सौ से भी अधिक फ़िल्मों के संवाद लिखे। फ़िल्म 'वक़्त' के लिए उनका संवाद "जिनके अपने घर शीशे के हों वो दूसरों पर पत्थर नहीं फेंका करते" आज भी ज़बान पर है।

अख़्तरुल ईमान की ई-पुस्तक

अख़्तरुल ईमान की पुस्तकें

14

Zameen Zameen

1990

Is Aabad Kharabe Mein

Naya Ahang

Sab Rang

1947

Naya Aahang

Is Aabad Kharabe Me

1996

Tareek Sayyara

Bint-e-Lamhat

1969

Yadein

Intikhab

सर-ओ-सामाँ

1983

अख़्तरुल ईमान पर पुस्तकें

15

Query of The Road

Muntakhab Nazmein

1988

अख़्तरुल इमान

Urdu Duniya,Delhi

Shumara Number-011

2015

Akhtar-ul-Iman

2016

मेयार

अख़्तरूल ईमान नंबर

2000

Girdab : Ek Mutala

2006

Akhtar-ul-Iman Aks Aur Jihatein

2000

236,237

Saughat,Bangalore

Khas Number : Shumara Number-012-014

1963

अख़्तरुल ईमान द्वारा संकलित पुस्तकें

2

Shumara Number-004

Shumara Number-002

Recitation

बोलिए