Font by Mehr Nastaliq Web

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

रद करें डाउनलोड शेर
Jigar Moradabadi's Photo'

जिगर मुरादाबादी

1890 - 1960 | मुरादाबाद, भारत

सबसे प्रमुख पूर्वाधुनिक शायरों में शामिल अत्याधिक लोकप्रियता के लिए विख्यात

सबसे प्रमुख पूर्वाधुनिक शायरों में शामिल अत्याधिक लोकप्रियता के लिए विख्यात

जिगर मुरादाबादी

ग़ज़ल 84

नज़्म 7

अशआर 176

ये इश्क़ नहीं आसाँ इतना ही समझ लीजे

इक आग का दरिया है और डूब के जाना है

हम को मिटा सके ये ज़माने में दम नहीं

हम से ज़माना ख़ुद है ज़माने से हम नहीं

दिल में किसी के राह किए जा रहा हूँ मैं

कितना हसीं गुनाह किए जा रहा हूँ मैं

हम ने सीने से लगाया दिल अपना बन सका

मुस्कुरा कर तुम ने देखा दिल तुम्हारा हो गया

  • शेयर कीजिए

उन का जो फ़र्ज़ है वो अहल-ए-सियासत जानें

मेरा पैग़ाम मोहब्बत है जहाँ तक पहुँचे

क़िस्सा 5

 

नअत 1

 

पुस्तकें 45

चित्र शायरी 22

वीडियो 72

This video is playing from YouTube

ऑडियो 34

अगर न ज़ोहरा-जबीनों के दरमियाँ गुज़रे

अगर न ज़ोहरा-जबीनों के दरमियाँ गुज़रे

अल्लाह रे इस गुलशन-ए-ईजाद का आलम

Recitation

संबंधित ब्लॉग

 

संबंधित शायर

अन्य शायरों को पढ़िए

 

Recitation

बोलिए