अदा पर चित्र/छाया शायरी

हुस्न अदाओं से ही हुस्न

बनता है और यही अदाएं आशिक़ के लिए जान-लेवा होती है। महबूब के देखने मुस्कुराने, चलने, बात करने और ख़ामोश रहने की अदाओं का बयान शायरी का एक अहम हिस्सा है। हाज़िर है अदा शायरी की एक हसीन झलकः

पूछा जो उन से चाँद निकलता है किस तरह

पूछा जो उन से चाँद निकलता है किस तरह

आहट सी कोई आए तो लगता है कि तुम हो

आहट सी कोई आए तो लगता है कि तुम हो

पूछा जो उन से चाँद निकलता है किस तरह