noImage

आग़ा अकबराबादी

प्रतिष्ठित क्लासिकी शायर, ग़ज़लों में अपारंपरिक प्रेम और रोमांस के लिए मशहूर, दाग़ के समकालीन

प्रतिष्ठित क्लासिकी शायर, ग़ज़लों में अपारंपरिक प्रेम और रोमांस के लिए मशहूर, दाग़ के समकालीन

ग़ज़ल 24

शेर 28

हमें तो उन की मोहब्बत है कोई कुछ समझे

हमारे साथ मोहब्बत उन्हें नहीं तो नहीं

  • शेयर कीजिए

किसी को कोसते क्यूँ हो दुआ अपने लिए माँगो

तुम्हारा फ़ाएदा क्या है जो दुश्मन का ज़रर होगा

रक़ीब क़त्ल हुआ उस की तेग़-ए-अबरू से

हराम-ज़ादा था अच्छा हुआ हलाल हुआ

ई-पुस्तक 1

Shumara Number-058

1975

 

चित्र शायरी 1

हमें तो उन की मोहब्बत है कोई कुछ समझे हमारे साथ मोहब्बत उन्हें नहीं तो नहीं