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अबुल मुजाहिद ज़ाहिद

1928 - 2009 | रामपुर, भारत

इस्लामी चिन्तन के प्रभाव में शायरी करनेवाले प्रसिद्ध शायर

इस्लामी चिन्तन के प्रभाव में शायरी करनेवाले प्रसिद्ध शायर

ग़ज़ल 6

शेर 9

गुलशन में हम होंगे तो फिर सोग हमारा

गुल-पैरहन ग़ुंचा-दहन करते रहेंगे

नई सहर के हसीन सूरज तुझे ग़रीबों से वास्ता क्या

जहाँ उजाला है सीम-ओ-ज़र का वहीं तिरी रौशनी मिलेगी

ये नहीं कि तू ने भेजा ही नहीं पयाम कोई

मगर इक वही आया जो पयाम चाहते हैं

ई-पुस्तक 1

Yad-e-Baiza

 

1998

 

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