ऐन इरफ़ान
ग़ज़ल 23
अशआर 13
बे-मक़्सद महफ़िल से बेहतर तन्हाई
बे-मतलब बातों से अच्छी ख़ामोशी
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए
बे-मक़्सद महफ़िल से बेहतर तन्हाई
बे-मतलब बातों से अच्छी ख़ामोशी
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए
बहुत नज़दीक थे तस्वीर में हम
मगर वो फ़ासला जो दिख रहा था
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए
बहुत नज़दीक थे तस्वीर में हम
मगर वो फ़ासला जो दिख रहा था
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए