noImage

ऐश देहलवी

1779 - 1879 | दिल्ली, भारत

ग़ालिब की गज़लों के आलोचक

ग़ालिब की गज़लों के आलोचक

ऐश देहलवी

ग़ज़ल 16

शेर 4

सीने में इक खटक सी है और बस

हम नहीं जानते कि क्या है दिल

  • शेयर कीजिए

कलाम-ए-मीर समझे और ज़बान-ए-मीरज़ा समझे

मगर उन का कहा ये आप समझें या ख़ुदा समझे

  • शेयर कीजिए

शम्अ सुब्ह होती है रोती है किस लिए

थोड़ी सी रह गई है इसे भी गुज़ार दे

  • शेयर कीजिए

बे-सबाती चमन-ए-दहर की है जिन पे खुली

हवस-ए-रंग वो ख़्वाहिश-ए-बू करते हैं

  • शेयर कीजिए

क़ितआ 1

 

पुस्तकें 1

Kulliyat-e-Aish

 

1992

 

ऑडियो 7

आशिक़ों को ऐ फ़लक देवेगा तू आज़ार क्या

क्या हुए आशिक़ उस शकर-लब के

जुरअत ऐ दिल मय ओ मीना है वो ख़ुद-काम भी है

Recitation

aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI

"दिल्ली" के और शायर

  • इंशा अल्लाह ख़ान इंशा इंशा अल्लाह ख़ान इंशा
  • फ़रहत एहसास फ़रहत एहसास
  • दाग़ देहलवी दाग़ देहलवी
  • आबरू शाह मुबारक आबरू शाह मुबारक
  • बेख़ुद देहलवी बेख़ुद देहलवी
  • राजेन्द्र मनचंदा बानी राजेन्द्र मनचंदा बानी
  • शाह नसीर शाह नसीर
  • ताबाँ अब्दुल हई ताबाँ अब्दुल हई
  • मोमिन ख़ाँ मोमिन मोमिन ख़ाँ मोमिन
  • मोहम्मद रफ़ी सौदा मोहम्मद रफ़ी सौदा