Ammar Yasir Migsi's Photo'

अम्मार यासिर मिगसी

1979 | ख़ानेवाल, पाकिस्तान

अम्मार यासिर मिगसी

ग़ज़ल 10

अशआर 3

उस को हँसता देख के फूल थे हैरत में

वो हँसती थी फूलों की हैरानी पर

इधर वो बिछड़ा उधर इक सितारा टूटा फिर

मैं आसमान को देखूँ और आसमान मुझे

मुझ को मरने दिया शे'र उतारे मुझ पर

इश्क़ ने बस ये मिरे साथ रिआ'यत की थी

 

"ख़ानेवाल" के और शायर

 

Recitation

aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI

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