Anjum Saleemi's Photo'

महत्वपूर्ण पाकिस्तानी शायर, अपने संजीदा लहजे के लिए विख्यात।

महत्वपूर्ण पाकिस्तानी शायर, अपने संजीदा लहजे के लिए विख्यात।

अंजुम सलीमी

ग़ज़ल 33

नज़्म 25

अशआर 73

माँ की दुआ बाप की शफ़क़त का साया है

आज अपने साथ अपना जनम दिन मनाया है

  • शेयर कीजिए

साथ बारिश में लिए फिरते हो उस को 'अंजुम'

तुम ने इस शहर में क्या आग लगानी है कोई

  • शेयर कीजिए

रौशनी भी नहीं हवा भी नहीं

माँ का नेमुल-बदल ख़ुदा भी नहीं

  • शेयर कीजिए

मुझे पता है कि बर्बाद हो चुका हूँ मैं

तू मेरा सोग मना मुझ को सोगवार कर

तुम अकेले में मिले ही नहीं वर्ना तुम को

और ही तरह के इक शख़्स से मिलवाता मैं

  • शेयर कीजिए

पुस्तकें 2

 

चित्र शायरी 2

 

ऑडियो 22

अच्छे मौसम में तग-ओ-ताज़ भी कर लेता हूँ

आइना साफ़ था धुँदला हुआ रहता था मैं

इन दिनों ख़ुद से फ़राग़त ही फ़राग़त है मुझे

Recitation

"फ़ैसलाबाद" के और शायर

Recitation

Jashn-e-Rekhta | 2-3-4 December 2022 - Major Dhyan Chand National Stadium, Near India Gate, New Delhi

GET YOUR FREE PASS
बोलिए