अनवर क़मर की कहानियाँ
परिंदे का साया
माहिर-ए-नफ़सियात अ’ज़ीज़ शरीफ़ी ने बेगम फ़िरदौस के केस की पैरवी की फाईल उठाई और केस का शुरू से मुताला’ करनेलगे। गुज़िश्ता कई रोज़ से बेगम फ़िर्दौस उनके ज़ेर मुशाहिदा थीं। चुनांचे उनकी शख़्सियत के बा’ज़ ख़साइल शरीफ़ी की निगाह में आचुके थे। बादियुन्नज़र में बेगम फ़िर्दौस