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Ashhad Bilal Ibn-e-chaman's Photo'

अशहद बिलाल इब्न-ए-चमन

1980 | अबू धाबी, संयुक्त अरब अमीरात

अशहद बिलाल इब्न-ए-चमन

ग़ज़ल 9

अशआर 9

आज भी नक़्श हैं दिल पर तिरी आहट के निशाँ

हम ने उस राह से औरों को गुज़रने दिया

ज़िंदगी की हक़ीक़त अजब हो गई

आज कल हो रही है बसर ख़्वाब में

होश-ओ-हवास खोने लगा हूँ फ़िराक़ में

तन्हाइयों ने ऐसा मुक़फ़्फ़ल किया मुझे

याद रखना भी इक इबादत है

क्यूँ हम उन का हाफ़िज़ा हो जाएँ

इक लफ़्ज़ याद था मुझे तर्क-ए-वफ़ा मगर

भूला हुआ हूँ ठोकरें खाने के बअ'द भी

वीडियो 7

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शायर अपना कलाम पढ़ते हुए

अशहद बिलाल इब्न-ए-चमन

अशहद बिलाल इब्न-ए-चमन

अशहद बिलाल इब्न-ए-चमन

अशहद बिलाल इब्न-ए-चमन

अशहद बिलाल इब्न-ए-चमन

अशहद बिलाल इब्न-ए-चमन

अशहद बिलाल इब्न-ए-चमन

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