Aslam Kolsarii's Photo'

असलम कोलसरी

1946 - 2016 | लाहौर, पाकिस्तान

असलम कोलसरी

ग़ज़ल 20

शेर 9

शहर में कर पढ़ने वाले भूल गए

किस की माँ ने कितना ज़ेवर बेचा था

ईद का दिन है सो कमरे में पड़ा हूँ 'असलम'

अपने दरवाज़े को बाहर से मुक़फ़्फ़ल कर के

हमारी जीत हुई है कि दोनों हारे हैं

बिछड़ के हम ने कई रात दिन गुज़ारे हैं

'असलम' बड़े वक़ार से डिग्री वसूल की

और इस के बा'द शहर में ख़्वांचा लगा लिया

सिर्फ़ मेरे लिए नहीं रहना

तुम मिरे बाद भी हसीं रहना

पुस्तकें 1

Nakhl-e-Jan

 

1979

 

"लाहौर" के और शायर

  • फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
  • नासिर काज़मी नासिर काज़मी
  • शहज़ाद अहमद शहज़ाद अहमद
  • हबीब जालिब हबीब जालिब
  • अमजद इस्लाम अमजद अमजद इस्लाम अमजद
  • अब्बास ताबिश अब्बास ताबिश
  • नबील अहमद नबील नबील अहमद नबील
  • अहमद नदीम क़ासमी अहमद नदीम क़ासमी
  • साग़र सिद्दीक़ी साग़र सिद्दीक़ी
  • सैफ़ुद्दीन सैफ़ सैफ़ुद्दीन सैफ़