Azra Parveen's Photo'

अज़रा परवीन

लखनऊ, भारत

प्रतिरोध और आधुनिक सामाजिक समस्याओं को अपनी शायरी में शामिल करनेवाली शायरा।

प्रतिरोध और आधुनिक सामाजिक समस्याओं को अपनी शायरी में शामिल करनेवाली शायरा।

ग़ज़ल 6

नज़्म 4

 

शेर 5

ज़मीं के और तक़ाज़े फ़लक कुछ और कहे

क़लम भी चुप है कि अब मोड़ ले कहानी क्या

चार सम्तें आईना सी हर तरफ़

तुम को खो देने का मंज़र और मैं

उस ने मेरे नाम सूरज चाँद तारे लिख दिया

मेरा दिल मिट्टी पे रख अपने लब रोता रहा

पुस्तकें 2

Bara Qabaon Ki Saheli

 

2010

राग राग मिट्टी

 

2007

 

ऑडियो 4

अब अपनी चीख़ भी क्या अपनी बे ज़बानी क्या

आसमाँ साहिल समुंदर और मैं

मैं और ही कोई हादिसा हूँ

Recitation

aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI

संबंधित शायर

  • नुसरत मेहदी नुसरत मेहदी समकालीन
  • शबनम अशाई शबनम अशाई समकालीन
  • अज़रा नक़वी अज़रा नक़वी समकालीन

"लखनऊ" के और शायर

  • वलीउल्लाह मुहिब वलीउल्लाह मुहिब
  • तारिक़ क़मर तारिक़ क़मर
  • मनीश शुक्ला मनीश शुक्ला
  • जितेन्द्र मोहन सिन्हा रहबर जितेन्द्र मोहन सिन्हा रहबर
  • अभिषेक शुक्ला अभिषेक शुक्ला
  • चकबस्त ब्रिज नारायण चकबस्त ब्रिज नारायण
  • जगत मोहन लाल रवाँ जगत मोहन लाल रवाँ
  • गणेश बिहारी तर्ज़ गणेश बिहारी तर्ज़
  • फ़ज़्ल लखनवी फ़ज़्ल लखनवी
  • उमर अंसारी उमर अंसारी