बेताब सूरी

ग़ज़ल 1

 

शेर 1

आज खेलेंगे मिरे ख़ून से होली सब लोग

कितना रंगीन हर इक शख़्स का दामाँ होगा

 

"लंदन" के और शायर

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  • यशब तमन्ना यशब तमन्ना
  • सफ़दर हमदानी सफ़दर हमदानी
  • ख़ालिद यूसुफ़ ख़ालिद यूसुफ़
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