Ghaus Khah makhah Hyderabadi's Photo'

ग़ौस ख़ाह मख़ाह हैदराबादी

1929 - 2017 | हैदराबाद, भारत

ग़ौस ख़ाह मख़ाह हैदराबादी

ग़ज़ल 3

 

शेर 1

छेड़ती हैं कभी लब को कभी रुख़्सारों को

तुम ने ज़ुल्फ़ों को बहुत सर पे चढ़ा रक्खा है

  • शेयर कीजिए
 

पुस्तकें 3

Ba Farz-e-Muhal

 

1992

हर्फ़-ए-मुकर्रर

 

1998

काग़ज़ के तीशे

 

2009

 

"हैदराबाद" के और शायर

  • जलील मानिकपूरी जलील मानिकपूरी
  • वली उज़लत वली उज़लत
  • अमीर मीनाई अमीर मीनाई
  • रऊफ़ रहीम रऊफ़ रहीम
  • शफ़ीक़ फातिमा शेरा शफ़ीक़ फातिमा शेरा
  • ख़ुर्शीद अहमद जामी ख़ुर्शीद अहमद जामी
  • मुसहफ़ इक़बाल तौसिफ़ी मुसहफ़ इक़बाल तौसिफ़ी
  • रियासत अली ताज रियासत अली ताज
  • मीर शम्सुद्दीन फ़ैज़ मीर शम्सुद्दीन फ़ैज़
  • अमजद हैदराबादी अमजद हैदराबादी