Font by Mehr Nastaliq Web

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

रद करें डाउनलोड शेर
Ghulam Rabbani Taban's Photo'

ग़ुलाम रब्बानी ताबाँ

1914 - 1993 | दिल्ली, भारत

तरक़्क़ी पसंद तहरीक से वाबस्ता क्लासिकी लहजे के मारूफ़ शायर

तरक़्क़ी पसंद तहरीक से वाबस्ता क्लासिकी लहजे के मारूफ़ शायर

ग़ुलाम रब्बानी ताबाँ के वीडियो

This video is playing from YouTube

वीडियो का सेक्शन
शायर अपना कलाम पढ़ते हुए
बस्ती में कमी किस चीज़ की है पत्थर भी बहुत शीशे भी बहुत

ग़ुलाम रब्बानी ताबाँ

वीडियो का सेक्शन
शायरी वीडियो
Ghulam Rabbani Taban - documentary by Urdu Academy, Delhi

शायर अपना कलाम पढ़ते हुए

शायरी वीडियो

Recitation

बोलिए