Jaleel Manikpuri's Photo'

जलील मानिकपूरी

1866 - 1946 | हैदराबाद, भारत

सबसे लोकप्रिय उत्तर क्लासिकी शायरों में प्रमुख/अमीर मीनाई के शार्गिद/दाग़ देहलवी के बाद हैदराबाद के राज-कवि

सबसे लोकप्रिय उत्तर क्लासिकी शायरों में प्रमुख/अमीर मीनाई के शार्गिद/दाग़ देहलवी के बाद हैदराबाद के राज-कवि

जलील मानिकपूरी

ग़ज़ल 86

अशआर 342

तसद्दुक़ इस करम के मैं कभी तन्हा नहीं रहता

कि जिस दिन तुम नहीं आते तुम्हारी याद आती है

  • शेयर कीजिए

आप पहलू में जो बैठें तो सँभल कर बैठें

दिल-ए-बेताब को आदत है मचल जाने की

  • शेयर कीजिए

मोहब्बत रंग दे जाती है जब दिल दिल से मिलता है

मगर मुश्किल तो ये है दिल बड़ी मुश्किल से मिलता है

ये जो सर नीचे किए बैठे हैं

जान कितनों की लिए बैठे हैं

  • शेयर कीजिए

बात उल्टी वो समझते हैं जो कुछ कहता हूँ

अब की पूछा तो ये कह दूँगा कि हाल अच्छा है

  • शेयर कीजिए

पुस्तकें 9

 

चित्र शायरी 28

ऑडियो 12

कहाँ हम और कहाँ अब शराब-ख़ाना-ए-इश्क़

उस का जल्वा जो कोई देखने वाला होता

ज़ालिम बुतों से आँख लगाई न जाएगी

Recitation

aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI

संबंधित शायर

"हैदराबाद" के और शायर

Recitation

aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI

Jashn-e-Rekhta | 2-3-4 December 2022 - Major Dhyan Chand National Stadium, Near India Gate, New Delhi

GET YOUR FREE PASS
बोलिए