Jigar Barelvi's Photo'

जिगर बरेलवी

1890 - 1976

जिगर के समकालीन , मसनवी " प्याम-ए-सावित्री" के लिए मशहूर, हदीस-ए-ख़ुदी के शीर्षक से आत्मकथा प्रकाशित

जिगर के समकालीन , मसनवी " प्याम-ए-सावित्री" के लिए मशहूर, हदीस-ए-ख़ुदी के शीर्षक से आत्मकथा प्रकाशित

ग़ज़ल 34

नज़्म 1

 

शेर 15

क़दम मिला के ज़माने के साथ चल सके

बहुत सँभल के चले हम मगर सँभल सके

  • शेयर कीजिए

इश्क़ को एक उम्र चाहिए और

उम्र का कोई ए'तिबार नहीं

  • शेयर कीजिए

तुम नहीं पास कोई पास नहीं

अब मुझे ज़िंदगी की आस नहीं

ई-पुस्तक 12

हदीस-ए-ख़ुदी

 

1959

Intikhab-e-Kalam Jigar Barelvi

 

1960

Jigar Barelvi

 

2000

Jigar Barelvi: Shakhsiyat Aur Fan

 

1970

Nala-e-Jansoz

 

1927

Partav-e-Ilham

 

2012

Payam-e-Savitari

 

1954

रस

 

1960

Sehat-e-Zaban

 

1958

याद-ए-रफ़्तगाँ

 

 

चित्र शायरी 2

क़दम मिला के ज़माने के साथ चल न सके बहुत सँभल के चले हम मगर सँभल न सके

क़दम मिला के ज़माने के साथ चल न सके बहुत सँभल के चले हम मगर सँभल न सके

 

ऑडियो 5

आह हम हैं और शिकस्ता-पाइयाँ

जान अपने लिए खो लेने दे

तुम नहीं पास कोई पास नहीं

Recitation

aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI