Khalid Sharif's Photo'

ख़ालिद शरीफ़

1947 | पाकिस्तान

ग़ज़ल 9

नज़्म 1

 

शेर 9

बिछड़ा कुछ इस अदा से कि रुत ही बदल गई

इक शख़्स सारे शहर को वीरान कर गया

'ख़ालिद' मैं बात बात पे कहता था जिस को जान

वो शख़्स आख़िरश मुझे बे-जान कर गया

आसमाँ झाँक रहा है 'ख़ालिद'

चाँद कमरे में मिरे उतरा है

क़ितआ 1

 

पुस्तकें 9

दामन-ए-यूसुफ़

 

1989

Kulliyat-e-Ahmad Faraz

 

1989

कुल्लियात-ए-हबीब जालिब

 

1993

Kulliyat-e-Mustafa Zaidi

 

 

Lahu Lakeer

 

1987

Pas Andaz-e-Mosam

 

1990

Satvan Dar

 

1989

सातवाँ दर

 

1982

Urdu Ki Shahkar Ghazlen

 

1988