ख़ुर्रम आफ़ाक़ के संपूर्ण

ग़ज़ल 16

शेर 2

वो आग बुझी तो हमें मौसम ने झिंझोड़ा

वर्ना यही लगता था कि सर्दी नहीं आई

कान मानूस होते जाएँगे

और लगेगा कि शोर घट गया है

 

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