Lutf-ur-rahman's Photo'

लुत्फ़ुर्रहमान

1941 | पटना, भारत

ग़ज़ल 17

शेर 8

किस से उम्मीद करें कोई इलाज-ए-दिल की

चारागर भी तो बहुत दर्द का मारा निकला

तमाम उम्र मिरा मुझ से इख़्तिलाफ़ रहा

गिला कर जो कभी तेरा हम-नवा हुआ

मैं ख़ुद ही अपने तआक़ुब में फिर रहा हूँ अभी

उठा के तू मेरी राहों से रास्ता ले जा

जाते जाते दिया इस तरह दिलासा उस ने

बीच दरिया में कोई जैसे किनारा निकला

मैं दर-ब-दर हूँ अभी अपनी जुस्तुजू में बहुत

मैं अपने लहजे को अंदाज़ दे रहा हूँ अभी

पुस्तकें 14

Bosa-e-Nam

 

2007

Jadeediyat Ki Jamaliyat

 

1993

Naqd-e-Nigah

 

2006

Nasr Ki Sheriyat

 

2006

Sanam Aashna

 

2018

सनम आशना

 

2008

Tabeer-o-Taqdeer

 

2008

तन्क़ीदी मुकालमे

 

2008

Tazgi Barg-e-Nawa

 

2011

Tazgi-e-Barg-e-Nawa

 

2011

"पटना" के और शायर

  • जमीला ख़ुदा बख़्श जमीला ख़ुदा बख़्श
  • हसन नईम हसन नईम
  • सुल्तान अख़्तर सुल्तान अख़्तर
  • हसरत अज़ीमाबादी हसरत अज़ीमाबादी
  • मुबारक अज़ीमाबादी मुबारक अज़ीमाबादी
  • खुर्शीद अकबर खुर्शीद अकबर
  • इम्दाद इमाम असर इम्दाद इमाम असर
  • आलम ख़ुर्शीद आलम ख़ुर्शीद
  • शाद अज़ीमाबादी शाद अज़ीमाबादी
  • रम्ज़ अज़ीमाबादी रम्ज़ अज़ीमाबादी