aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

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मीर कल्लू अर्श

1783 - 1867 | लखनऊ, भारत

महान उर्दू शायर मीर तक़ी मीर के बेटे

महान उर्दू शायर मीर तक़ी मीर के बेटे

मीर कल्लू अर्श की ग़ज़लें

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