Mubarak Azimabadi's Photo'

मुबारक अज़ीमाबादी

1849 - 1958 | पटना, भारत

बिहार के प्रमुख उत्तर-क्लासिकी शायर

बिहार के प्रमुख उत्तर-क्लासिकी शायर

ग़ज़ल 35

शेर 76

जो निगाह-ए-नाज़ का बिस्मिल नहीं

दिल नहीं वो दिल नहीं वो दिल नहीं

रहने दे अपनी बंदगी ज़ाहिद

बे-मोहब्बत ख़ुदा नहीं मिलता

  • शेयर कीजिए

कब उन आँखों का सामना हुआ

तीर जिन का कभी ख़ता हुआ

  • शेयर कीजिए

ई-पुस्तक 3

Jalwa-e-Daagh

 

1950

 

चित्र शायरी 4

अपनी सी करो तुम भी अपनी सी करें हम भी कुछ तुम ने भी ठानी है कुछ हम ने भी ठानी है

अपनी सी करो तुम भी अपनी सी करें हम भी कुछ तुम ने भी ठानी है कुछ हम ने भी ठानी है

किसी से आज का वादा किसी से कल का वादा है ज़माने को लगा रक्खा है इस उम्मीद-वारी में

अपनी सी करो तुम भी अपनी सी करें हम भी कुछ तुम ने भी ठानी है कुछ हम ने भी ठानी है

 

संबंधित शायर

  • जोश मलीहाबादी जोश मलीहाबादी समकालीन

"पटना" के और शायर

  • शाद अज़ीमाबादी शाद अज़ीमाबादी
  • कलीम आजिज़ कलीम आजिज़
  • हसन नईम हसन नईम
  • सुल्तान अख़्तर सुल्तान अख़्तर
  • हसरत अज़ीमाबादी हसरत अज़ीमाबादी
  • शकेब अयाज़ शकेब अयाज़
  • इम्दाद इमाम असर इम्दाद इमाम असर
  • बिस्मिल अज़ीमाबादी बिस्मिल अज़ीमाबादी
  • रासिख़ अज़ीमाबादी रासिख़ अज़ीमाबादी
  • मुनीर सैफ़ी मुनीर सैफ़ी