नफ़स अम्बालवी
ग़ज़ल 41
अशआर 24
इंकार कर रहा हूँ तो क़ीमत बुलंद है
बिकने पे आ गया तो गिरा देंगे दाम लोग
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aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere