Nashtar Khaanqahi's Photo'

नश्तर ख़ानक़ाही

1931 - 2006 | भारत

प्रमुख आधुनिक शायर

प्रमुख आधुनिक शायर

ग़ज़ल 32

शेर 4

अब तक हमारी उम्र का बचपन नहीं गया

घर से चले थे जेब के पैसे गिरा दिए

बिछड़ कर उस से सीखा है तसव्वुर को बदन करना

अकेले में उसे छूना अकेले में सुख़न करना

  • शेयर कीजिए

पुर्सिश-ए-हाल से ग़म और बढ़ जाए कहीं

हम ने इस डर से कभी हाल पूछा अपना

  • शेयर कीजिए

पुस्तकें 4

Garmi-e-Andesha

 

1969

Manzar Pas-e-Manzar

 

1993

Mere Lahu Ki Aag

 

1974

Takmeel,Bhiwandi

Nashtar Khanqahi Number: April-December: Shumara Number-062-064

2003

 

वीडियो 3

This video is playing from YouTube

वीडियो का सेक्शन
अन्य वीडियो
Apne hone ka hum ehsaas jagaane aae

अज्ञात

Sau baar lohe dil se mitaaya

मलिका पुखराज

पेशानी-ए-हयात पे कुछ ऐसे बल पड़े

अनूप जलोटा

ऑडियो 10

अभी तक जब हमें जीना न आया

कभी तो मुल्तवी ज़िक्र-ए-जहाँ-गर्दां भी होना था

कशिश तो अब भी ग़ज़ब की है नाज़नीनों में

Recitation

aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI