क़मर अब्बास क़मर का परिचय
मैं रो पड़ूँगा बहुत भींच के गले न लगा
मैं पहले जैसा नहीं हूँ किसी का दुख है मुझे
क़मर अब्बास क़मर 12 मई 1993 को घोसी, ज़िला मऊ उत्तर प्रदेश में एक मध्यमवर्गीय परिवार में पैदा हुए। बचपन से ही उनकी रुचि उर्दू शायरी में थी और वह अपने गाँव में अक्सर शायरी की महफ़िलों में भाग लेते थे। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अपने गाँव से प्राप्त की और फिर लखनऊ विश्वविद्यालय से फ़ारसी भाषा और साहित्य में मास्टर्स की डिग्री हासिल की।
वह मुलाइमियत के शायर हैं और अपने अशआर को बड़े हुनर के साथ देशभर के मुशायरों में सुनाते हैं। वह लगातार शेर कह रहे हैं और उनकी पहला शेरी मजमूआ जल्द ही प्रकाशित होने वाला है।