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रसूल जहाँ बेगम मख़फ़ी बदायूनी

ग़ज़ल 2

 

शेर 2

इस ज़िंदगी ने साथ किसी का नहीं दिया

किस बेवफ़ा से तुझ को तमन्ना वफ़ा की है

जुदा हो मुझ से मिरा यार ये ख़ुदा करे

ख़ुदा किसी के तईं दोस्त से जुदा करे

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ई-पुस्तक 2

उरूस-ए-सुख़न

 

1946

Uroos-e-Sukhan

 

1946