सईद अहमद अख़्तर
ग़ज़ल 14
नज़्म 1
अशआर 21
सुलग रहा है चमन में बहार का मौसम
किसी हसीन को आवाज़ दो ख़ुदा के लिए
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए
aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere