शहीर मछलीशहरी
ग़ज़ल 12
अशआर 1
फ़ानूस बन के जिस की हिफ़ाज़त हवा करे
वो शम्अ' क्या बुझे जिसे रौशन ख़ुदा करे
- अपने फ़ेवरेट में शामिल कीजिए
-
शेयर कीजिए
फ़ानूस बन के जिस की हिफ़ाज़त हवा करे
वो शम्अ' क्या बुझे जिसे रौशन ख़ुदा करे
- अपने फ़ेवरेट में शामिल कीजिए
-
शेयर कीजिए