Font by Mehr Nastaliq Web

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

रद करें डाउनलोड शेर
Subodh Lal Saqi's Photo'

सुबोध लाल साक़ी

दिल्ली, भारत

सुबोध लाल साक़ी

ग़ज़ल 10

नज़्म 13

अशआर 2

मैं जुदाई का मुक़र्रर सिलसिला हो जाऊँगा

वो भी दिन आएगा जब ख़ुद से जुदा हो जाऊँगा

ये भी हुआ कि फ़ाइलों के दरमियाँ मिलीं

मुझ को कहाँ कहाँ मिरी तन्हाइयाँ मिलीं

 

पुस्तकें 1

 

वीडियो 5

This video is playing from YouTube

वीडियो का सेक्शन
शायर अपना कलाम पढ़ते हुए
Bahali

सुबोध लाल साक़ी

Khaali Gaon

सुबोध लाल साक़ी

इन्द्र-धनुष बन जाएँ

समय है एक समुंदर सुबोध लाल साक़ी

डोर

बादल बरखा नदियाँ सागर सुबोध लाल साक़ी

सीलन

हम ने अपने साथ की आख़िरी शब सुबोध लाल साक़ी

"दिल्ली" के और शायर

Recitation

बोलिए