noImage

ज़ाहिदा खातून

1915 - 1982 | कराची, पाकिस्तान

कहा मैं ने कि जन्नत पर रज़ा-ए-दोस्त फ़ाइक़ है

रज़ा-ए-दोस्त बोली बे-ख़बर मैं ही तो जन्नत हूँ