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Zubair Ali Tabish's Photo'

ज़ुबैर अली ताबिश

1987 | जलगाँव, भारत

मशहूर नौजवान शायरों में शुमार, रिवायती उर्दू शायरी की दिलकशी को जदीद ख़यालात और जज़्बात की माअनवियत के साथ हम-आहंग किया

मशहूर नौजवान शायरों में शुमार, रिवायती उर्दू शायरी की दिलकशी को जदीद ख़यालात और जज़्बात की माअनवियत के साथ हम-आहंग किया

ज़ुबैर अली ताबिश का परिचय

मूल नाम : ज़ुबैर अली ताबिश

जन्म : 27 Aug 1987 | नंदुरबार, महाराष्ट्र

आइना कब बनाओगे मुझ को

मुझ से किस दिन मिलाओगे मुझ को

ज़ुबैर अली ताबिश की पैदाइश 27 अगस्त, 1987 को महाराष्ट्र के मज़ाफ़ाती इलाक़े नगर देवला में हुई। ज़ुबैर को बचपन से ही शेर-ओ-शायरी का शग़फ़ था, और इब्तिदाई दिनों से ही अपने एहसासात को लफ़्ज़ों में ढालने लगे थे। अदबी मुताले और मुशाहिदे से उनके फ़न में पुख़्तगी आती गई और इस वक़्त वो हिन्दुस्तान के मशहूर शायरों में दर्ज किए जाते हैं। उनकी ज़बान निहायत सलीस-ओ-सादा है, और ज़िंदगी के आम मौज़ूआत पर बड़े भरपूर तज्रबात के साथ उनका शेरी सफ़र जारी है। छोटी-छोटी बहरों में भी ख़ूब शेर निकाले हैं। उनके यहाँ ज़िंदगी के तईं एक अलग ही तज्रबा मिलता है। जहाँ वो मुआशरे की तल्ख़ियों और ज़िंदगी की नामुरादियों से दो दो हाथ करते दिखाई देते हैं। अपने माशूक़ से धौल-धप्पा भी उनका शेवा है। इज़हार की बेबाकी और लफ़्ज़ों के मुहतात इंतिख़ाब से उनके शेरों में दिलचस्प कैफ़ियत पैदा हो जाती है।
इस वक़्त वो तदरीस के पेशे से मुंसलिक हैं और उनकी एक किताब “तुम्हारे बाद का मौसम” शाए हो चुकी है, इस किताब की अदबी हलक़ों में ख़ूब पज़ीराई हुई।

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