हिज्र पर चित्र/छाया शायरी

अगर आप हिज्र की हालत

में हैं तो ये शायरी आप के लिए ख़ास है। इस शायरी को पढ़ते हुए हिज्र की पीड़ा एक मज़ेदार तजुर्बे में बदलने लगेगी। ये शायरी पढ़िए, हिज्र और हिज्र ज़दा दिलों का तमाशा देखिए।

रोते फिरते हैं सारी सारी रात

बहुत दिनों में मोहब्बत को ये हुआ मा'लूम

रोते फिरते हैं सारी सारी रात

आई होगी किसी को हिज्र में मौत

बहुत दिनों में मोहब्बत को ये हुआ मा'लूम

वो आ रहे हैं वो आते हैं आ रहे होंगे

इक उम्र कट गई है तिरे इंतिज़ार में

आई होगी किसी को हिज्र में मौत

बोलिए