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आज के चुनिन्दा 5 शेर

दोस्त मैं ख़ामोश किसी डर से नहीं था

क़ाइल ही तिरी बात का अंदर से नहीं था

राजेन्द्र मनचंदा बानी
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आँखों से मोहब्बत के इशारे निकल आए

बरसात के मौसम में सितारे निकल आए

मंसूर उस्मानी

अगर तुम्हारी अना ही का है सवाल तो फिर

चलो मैं हाथ बढ़ाता हूँ दोस्ती के लिए

अहमद फ़राज़
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बस इक झिजक है यही हाल-ए-दिल सुनाने में

कि तेरा ज़िक्र भी आएगा इस फ़साने में

कैफ़ी आज़मी
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अक्स किस चीज़ का आईना-ए-हैरत में नहीं

तेरी सूरत में है क्या जो मेरी सूरत में नहीं

असग़र गोंडवी

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