Amir Mausavi's Photo'

अपने नौहों और कर्बला के परिदृश्य में लिखी गई नज़्मों और क़तात के लिए जाने जाते हैं

अपने नौहों और कर्बला के परिदृश्य में लिखी गई नज़्मों और क़तात के लिए जाने जाते हैं

ग़ज़ल 9

शेर 2

इश्क़ से बाज़ आते हम दीवाने क्या

थी समझ की बात हम समझे नहीं

हम ख़ुदा भी मान लेंगे आप को

आप पहले हो तो जाएँ आदमी

 

पुस्तकें 2

Nazr-o-Niyaz

 

1996

Tar-e-Nafas

 

1977

 

"लंदन" के और शायर

  • साक़ी फ़ारुक़ी साक़ी फ़ारुक़ी
  • बख़्श लाइलपूरी बख़्श लाइलपूरी
  • अख़्तर ज़ियाई अख़्तर ज़ियाई
  • ज़ियाउद्दीन अहमद शकेब ज़ियाउद्दीन अहमद शकेब
  • सफ़दर हमदानी सफ़दर हमदानी
  • हिलाल फ़रीद हिलाल फ़रीद
  • मुबारक सिद्दीक़ी मुबारक सिद्दीक़ी
  • अब्दुल हफ़ीज़ साहिल क़ादरी अब्दुल हफ़ीज़ साहिल क़ादरी
  • अकबर हैदराबादी अकबर हैदराबादी
  • ख़ालिद हसन क़ादिरी ख़ालिद हसन क़ादिरी