Azad Gulati's Photo'

आज़ाद गुलाटी

1935 -

ग़ज़ल 30

शेर 25

किसे मिलती नजात 'आज़ाद' हस्ती के मसाइल से

कि हर कोई मुक़य्यद आब गिल के सिलसिलों का था

दश्त-ए-ज़ुल्मात में हम-राह मिरे

कोई तो है जो जला है मुझ में

समेट लाता हूँ मोती तुम्हारी यादों के

जो ख़ल्वतों के समुंदर में डूबता हूँ मैं

ई-पुस्तक 7

Aab-e-Sarab

 

1992

Aaghosh-e-Khayal

 

1964

Aaghosh-e-Khayal

 

1935

Azkar

 

1987

Dasht-e-Sada

 

1976

जिस्मों का बनबास

 

 

Takoon Ka Karb

 

1973

 

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