Azhar Nawaz's Photo'

नौजवान शायरों में शामिल

नौजवान शायरों में शामिल

ख़ूबसूरत है सिर्फ़ बाहर से

ये इमारत भी आदमी सी है

किसी बुज़दिल की सूरत घर से ये बाहर निकलता है

मिरा ग़ुस्सा किसी कमज़ोर के ऊपर निकलता है

जो मेरा झूट है अक्सर मिरे अंदर निकलता है

जिसे कम-तर समझता हूँ वही बेहतर निकलता है

कोई किरदार अदा करता है क़ीमत इस की

जब कहानी को नया मोड़ दिया जाता है

मोहतरम कह के मुझे उस ने पशेमान किया

कोई पहलू मिला जब मिरी रुस्वाई का

चारासाज़ो मिरा इलाज करो

आज कुछ दर्द में कमी सी है

मुझ को हर सम्त ले के जाता है

एक इम्कान तेरे होने का