Ganesh Bihari Tarz's Photo'

गणेश बिहारी तर्ज़

1932 - 2008 | लखनऊ, भारत

ग़ज़ल 8

शेर 11

अहल-ए-दिल के वास्ते पैग़ाम हो कर रह गई

ज़िंदगी मजबूरियों का नाम हो कर रह गई

गर्दिशो तुम्हें ज़रा ताख़ीर हो गई

अब मेरा इंतिज़ार करो मैं नशे में हूँ

अब मैं हुदूद-ए-होश-ओ-ख़िरद से गुज़र गया

ठुकराओ चाहे प्यार करो मैं नशे में हूँ

क़ितआ 17

पुस्तकें 2

Hina Ban Gai Ghazal

 

2003

फ़न और शख़्सियत

गणेश बिहारी तर्ज़: शुमारा नम्बर-019-026

1989

 

चित्र शायरी 2

क्या ज़िद है कि बरसात भी हो और नहीं भी हो तुम कौन हो जो साथ भी हो और नहीं भी हो फिर भी उन्हीं लम्हात में जाने से फ़ाएदा? पल भर को मुलाक़ात भी हो और नहीं भी हो

 

"लखनऊ" के और शायर

  • वलीउल्लाह मुहिब वलीउल्लाह मुहिब
  • अज़रा परवीन अज़रा परवीन
  • हया लखनवी हया लखनवी
  • पवन कुमार पवन कुमार
  • अली ज़हीर रिज़वी लखनवी अली ज़हीर रिज़वी लखनवी
  • अनवर नदीम अनवर नदीम
  • मंज़र सलीम मंज़र सलीम
  • फ़ज़्ल लखनवी फ़ज़्ल लखनवी
  • उमर अंसारी उमर अंसारी
  • जितेन्द्र मोहन सिन्हा रहबर जितेन्द्र मोहन सिन्हा रहबर