Hanif Tarin's Photo'

हनीफ़ तरीन

1951

ग़ज़ल 11

नज़्म 7

शेर 7

पानी ने जिसे धूप की मिट्टी से बनाया

वो दाएरा-ए-रब्त बिगड़ने के लिए था

महफ़िल में फूल ख़ुशियों के जो बाँटता रहा

तन्हाई में मिला तो बहुत ही उदास था

रिश्ते नाते टूटे फूटे लगे हैं

जब भी अपना साया साथ नहीं होता

ई-पुस्तक 11

अबाबीलें नहीं आयीं

 

2006

Ababilein Nahin Aaein

 

2003

हनीफ़ तरीन

फ़न और शख़्सियत

2004

किश्त-ए-ग़ज़ल नुमा

 

1999

किताब-ए-सेहरा

 

1995

Lala-e-Sehraee

 

2014

लाला-ए-सेहराई

 

2014

मैंने ज़िल्ज़ाल को लफ़्ज़ों में उतर कर देखा

 

 

Rabab-e-Sahra

 

1992

रु-ए-शमीम से नुज़्हत इश्क़ की बहती है

 

2012

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