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Khalid Karrar's Photo'

ख़ालिद कर्रार

1976 | जम्मू, भारत

नई नस्ल के महत्वपूर्ण शायर।

नई नस्ल के महत्वपूर्ण शायर।

ख़ालिद कर्रार के शेर

बात ये है कि सभी भाई मिरे दुश्मन हैं

मसअला ये है कि मैं यूसुफ़-ए-सानी भी नहीं

कलीसा मौलवी राहिब पुजारी

कलस मीनार बुत मेहराब सहरा

फिर इस के बाद मिरी रात बे-मिसाल हुई

उधर वो शोला-बदन था इधर मैं पानी था

कोई तो आए सुनाए नवेद-ए-ताज़ा मुझे

उठो कि हश्र से पहले हिसाब होने लगा

सच तो ये है कि मिरे पास ही दिरहम कम हैं

वर्ना इस शहर में इस दर्जा गिरानी भी नहीं

सफ़र रस्ता सऊबत ख़्वाब सहरा

समुंदर वाहिमा ख़ूनाब सहरा

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