मुजीब अहमद मुजीब के दोहे
जिस को पाला जाग कर मैं ने दिन और रात
उस की बातों ने किया मेरे दिल पर घात
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दुश्मन को जो मात दे बिन हथियार उठाए
गाँधी जैसा कौन है हम में यहाँ बताए
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टैग : अम्न
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किस की कितनी ज़िंदगी किस का कितना साथ
अल्लह सब है जानता इक इक दिन और रात
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रावन मन में पाल कर जो ले प्रभू का नाम
उस को ढाने आएँगे वानर के सँग राम
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टैग : सच्चाई
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