Taashshuq Lakhnavi's Photo'

तअशशुक़ लखनवी

1824 - 1892

ग़ज़ल 13

शेर 28

हम किस को दिखाते शब-ए-फ़ुर्क़त की उदासी

सब ख़्वाब में थे रात को बेदार हमीं थे

जिस तरफ़ बैठते थे वस्ल में आप

उसी पहलू में दर्द रहता है

वो खड़े कहते हैं मेरी लाश पर

हम तो सुनते थे कि नींद आती नहीं

  • शेयर कीजिए

पुस्तकें 8

Afkar-e-Tashshuq

Volume-001

1950

Afkar-e-Tashshuq

Volume-002

1953

बराहीन-ए-ग़म

खण्ड-001

1927

दीवान-ए-हज़रत तअश्शुक़

 

 

दीवान-ए-तअाशुक़ अलयहिर्रहमा

 

 

Guldasta-e-Tashshuq

 

1874

Tashshuq Lakhnavi : Hayat, Shakhsiyat, Fan Aur Kalam

 

2007

हदीस-ए-दिल

शुमारा नम्बर-023

2008

 

संबंधित शायर

  • मिर्ज़ा ग़ालिब मिर्ज़ा ग़ालिब समकालीन
  • लाला माधव राम जौहर लाला माधव राम जौहर समकालीन
  • मीर तस्कीन देहलवी मीर तस्कीन देहलवी समकालीन
  • सख़ी लख़नवी सख़ी लख़नवी समकालीन
  • मुफ़्ती सदरुद्दीन आज़ुर्दा मुफ़्ती सदरुद्दीन आज़ुर्दा समकालीन
  • मिर्ज़ा सलामत अली दबीर मिर्ज़ा सलामत अली दबीर समकालीन
  • शेख़ इब्राहीम ज़ौक़ शेख़ इब्राहीम ज़ौक़ समकालीन
  • मुस्तफ़ा ख़ाँ शेफ़्ता मुस्तफ़ा ख़ाँ शेफ़्ता समकालीन
  • बहादुर शाह ज़फ़र बहादुर शाह ज़फ़र समकालीन
  • शाद लखनवी शाद लखनवी समकालीन