ग़ज़ल 14

शेर 1

मैं ने माँगी थी उजाले की फ़क़त एक किरन

तुम से ये किस ने कहा आग लगा दी जाए

merely a ray of light of you I did request

you have set this fire, pray at whose behest?

  • शेयर कीजिए
 

दोहा 6

पहले पहले प्यार की साजन पहली है बरसात

ओढ़ के लेटी याद तिरी और जाग के काटी रात

  • शेयर कीजिए

कब तक जान बचाए फूल पे ओस का नन्हा क़तरा

पत्तों की भी ओट में हो तो सूरज पल पल ख़तरा

  • शेयर कीजिए

तुम तो शान से निकले थे ले हाथ में मेरा हाथ

डर कर दुनिया वालों से क्यूँ छोड़ दिया है साथ

  • शेयर कीजिए

जाने कितने मौसम बीते तुम लौट के आए

मन दुखियारा बिरह का मारा कब तक आस लगाए

  • शेयर कीजिए

दम भर में हुए सूखे पत्ते काँटे और बबूल

साजन जब तक आप यहाँ थे खिले रहे सब फूल

  • शेयर कीजिए

"कराची" के और शायर

  • ज़ीशान साहिल ज़ीशान साहिल
  • परवीन शाकिर परवीन शाकिर
  • सलीम अहमद सलीम अहमद
  • सज्जाद बाक़र रिज़वी सज्जाद बाक़र रिज़वी
  • मोहसिन एहसान मोहसिन एहसान
  • अज़रा अब्बास अज़रा अब्बास
  • पीरज़ादा क़ासीम पीरज़ादा क़ासीम
  • उबैदुल्लाह अलीम उबैदुल्लाह अलीम
  • जमाल एहसानी जमाल एहसानी
  • अज़ीज़ हामिद मदनी अज़ीज़ हामिद मदनी