कौन सी बात है तुम में ऐसी
इतने अच्छे क्यूँ लगते हो
मेरे जैसे बन जाओगे जब इश्क़ तुम्हें हो जाएगा
दीवारों से सर टकराओगे जब इश्क़ तुम्हें हो जाएगा
-
टैग : जगजीत सिंह
ये बाद-ए-सबा ख़ुशबू परिंदों की सदाएँ
हर शय उसे खिड़की पे बुलाने के लिए है